चेले और शागिर्द

मंगलवार, 29 मार्च 2011

नेताओं में कामदेव का वास !

नारद पृथ्वी भ्रमण पर
देख के रह गए दंग !
अस्सी पर का नेता भी
चाहता रास-रंग ,
न पद की गरिमा रही
न नैतिकता बोध ,
नारी शोषण देखकर
नारद करते क्रोध ,
नारायण-नारायण कह
हुआ उन्हें आभास
ऐसे ही नेताओं में
कामदेव का वास .

5 टिप्‍पणियां:

एम सिंह ने कहा…

अच्छा लिखा है. बधाई
समय हो तो मेरा ब्लॉग भी देखें
महिलाओं के बारे में कुछ और ‘महान’ कथन

यशवन्त माथुर ने कहा…

क्या बात है:))

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सटीक चोट...बहुत सुन्दर

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सटीक चोट...बहुत सुन्दर

Rajesh Sharma ने कहा…

न पद की गरिमा रही
न नैतिकता बोध
बिलकुल सही , सारी दुनिया के कई राजनीतिग्य अनैतिक सम्बन्ध और नारी शोषण में लिप्त हैं /
रचना अच्छी हैं, बधाई /