चेले और शागिर्द

बुधवार, 23 अप्रैल 2014

मोदी करेंगें बीजेपी को दण्डित



लो कर लो बात ..हम तो सोच रहे थे कि मोदी जी जिस दिन से बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने हैं तब से इन तिकड़मों में लगें होंगें कि कैसे ये लक्ष्य पूरा हो  -''अबकी बार ...मोदी सरकार '' .कैसे पूरा हो २७२+का मिशन पर बही ये मोदी जी तो अनाड़ी निकले .बात ये है कि मोदी जी ने एक जन-सभा में कहा कि वे उस दिन से सिर्फ ये सोच रहे हैं कि ''  बेरोजगार युवकों की समस्या का हल कैसे हो ,किसानों की समस्या का हल कैसे हो ,बहन-बेटियों  को सुरक्षा व् सम्मान  कैसे मिले ,महगाई का हल कैसे हो ?   '' अब  भला  ये भी   कोई   उनके   अकेले   सोचने   का विषय है .जब सरकार बनाने  में सफलता  मिल  जाये  तब महीने  दो  महीने  सत्ता  सुख  भोग  लेने  के बाद  भी  इस  समस्याओं  पर विचार  हेतु  विचार  किया  जा  सकता है .कमाल  है मोदी जी का , झूठ भी इतनी सफाई के साथ बोलते  हैं कि उनकी पार्टी के लोग भी इसके झांसे में आ जाते हैं .आडवाणी जी को ही लो पहले कहते ''मोदी नहीं कोई और होना चाहिए बीजेपी का प्रधानमंत्री कैंडिडेट '' और अब कहते हैं ''मोदी के नेतृत्व में ही अगली सरकार बनेगी  जनता ने चुनाव से पहले ही तय कर लिया है '' लगता है जनता ने तय किया या नहीं पर आडवाणी जी ने किसी नशे में ये तय कर लिया है .अब मोदी जी मुरली मनोहर को भी जब अपनी मोहिनी से मोहित कर रहे हैं तब बाकी पार्टी का क्या ?बीजेपी से यदि आज की डेट में  आप  पूछँगें कि भ्रष्टाचार का उपाय क्या है ?तो वे कहेंगें ''मोदी '' .यदि आप पूछेगें ''महगाई  कैसे कम होगी ?तो वे कहेंगें '' मोदी '' .आप पूछेंगें ''बहन-बेटियां कैसे सुरक्षित रहेंगी ?तो वे कहेंगें '' मोदी '' आप पूछेंगें ''किसानों की समस्या कैसे हल होगी ? वे कहेंगें ''मोदी '' .सुना था अटल बिहारी जी अफीम का सेवन करके भाषण दिया करते थे पर मोदी जी तो खुद ही बीजेपी वालों के लिए अफीम हो गए हैं .एक मोदी और मर्ज़ हज़ारों पर लोकपाल से बढ़कर हैं ''मोदी'' ,महगाई घटाने वाली दवाई हैं ''मोदी'' ,बहन-बेटियों के अंगरक्षक हैं ''मोदी '' , किसानों के लिए ''वर्षा ,बीज ,खाद और फसल का दाम हैं '' -'मोदी '' .काश मोदी जी दस साल पहले ही बीजेपी को हाइजेक कर लेते तो देश को UPA के हाथ में जाने से रोक देते और सूचना के अधिकार  की जगह होते ''मोदी '' मनरेगा की जगह होते 'मोदी ' खाद्य-सुरक्षा कानून की जगह होते मोदी  और भी बढ़कर हर घर में मोबाइल की जगह होते मोदी .बस और क्या कहें हर मंदिर में भगवान की जगह होते मोदी .बीजेपी को निश्चित रूप से इस बात के लिए सजा दी जानी चाहिए कि उसने इतने प्रतिभाशाली व्यक्ति को दस साल तक राष्ट्रीय-राजनीति से दूर रखा .यकीन ही नहीं विशवास भी है कि मोदी जी ने वरिष्ठ नेताओं को गेट आउट करके इस कार्य का शुभारम्भ  कर भी दिया है .

शिखा कौशिक 'नूतन'

1 टिप्पणी:

Shalini Kaushik ने कहा…

haan heere ko chhipa ke rakh rakha tha aur kala dhan dhoondhte fir rahe hain .