चेले और शागिर्द

सोमवार, 11 मार्च 2013

हादसे झेल चुका दिल मेरा फौलाद है !-राहुल गाँधी

 यह हमारे आदर्श युवा नेता श्री राहुल जी के ज़ज्बातों को शब्द प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश है -

मेरे विरोधियों को बस यही जवाब है ,
पी एम्. बनना नहीं सेवा मेरा ख्वाब है !

गीता व् गाँधी  करते हैं प्रेरित  सदा ,
जिनका सन्देश कर्म व् स्वराज  है !


कठिन है पथ मेरा ; लम्बा है सफ़र ,
चुनौती झेलने से कब मुझे एतराज़ है ?


नहीं है खौफ गिरने का ; उठूंगा गिरकर ,
कामयाबी का यही खास एक राज़ है !

कर्मयोगी हूँ मैं मुझको यकीन कर्मों पर ,
कैसे कहते हैं आप शहजादा -युवराज है ?


लगाकर  जोर  उछालो  पत्थर  मुझपर  ,
मैं वो पंछी हूँ जो रखता ऊँची परवाज़ है !

मेरे ज़ज्बात मेरे अपने समझ जाएँ बस ,
उन्ही से कल है मेरा और उन्ही से आज है !

मजाक खूब उडाओ मेरे इरादों की    ,
हादसे  झेल चुका दिल मेरा फौलाद है !

रखता हूँ सख्त दिल दुश्मनों के तानों पर ,
मेरी खिलाफत से  बुलंद मेरे अपनों की  आवाज़ है !

                    शिखा कौशिक 'नूतन '



5 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

nice

Kuldeep Sing ने कहा…

आप की ये सुंदर रचना शुकरवार यानी 15-03-2013 की नई पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही है...
आप के सुझावों का स्वागत है। आप से मेरा निवेदन है कि आप भी इस हलचल में आकर इसकी शोभा बढ़ाएं...
सूचनार्थ।

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति मंगलवारीय चर्चा मंच पर ।।

शालिनी कौशिक ने कहा…

बहुत सही कहा है आपने ..एक एक बात सही कही है आपने . आभार मासूम बच्चियों के प्रति यौन अपराध के लिए आधुनिक महिलाएं कितनी जिम्मेदार? रत्ती भर भी नहीं . .महिलाओं के लिए एक नयी सौगात WOMAN ABOUT MAN

Kalipad "Prasad" ने कहा…

बहुत सही कहा आपने ,आप भी मेरे ब्लोग्स का अनुशरण करें ,ख़ुशी होगी
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