चेले और शागिर्द

मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013

पी.एम्.बनने को तैयार हूँ !

 

सत्ता है जहर , है सबको पता ,
पर कैसे छूटे नशा बता ?
भूली यू.पी.की हार हूँ !
पी.एम्.बनने को तैयार हूँ !


मनमोहन से बेहतर माया ,
इसका न पार कोई पाया ,
कर देती दो के चार हूँ !

पी.एम्.बनने को तैयार हूँ !




कॉंग्रेस हो या बी.जे.पी ,
सबसे है अच्छी छनती ,
एस.पी.से खाती खार हूँ !

पी.एम्.बनने को तैयार हूँ !

 हूँ दलित की मैं वैसे बेटी ,
पर रखती दौलत की पेटी ,
नोटों के पहने हार हूँ !
पी.एम्.बनने को तैयार हूँ !

            शिखा कौशिक 'नूतन'

4 टिप्‍पणियां:

शालिनी कौशिक ने कहा…

bahut khoob .

Sunil Kumar ने कहा…

हर पार्टी में पी एम् के दस दावेदार हैं :)

Shah Nawaz ने कहा…

:-)

रविकर ने कहा…

सही है-बड़ा वोट बैंक जो है इनके पास |
आनंद ही आनंद -
आनंद की बीबी कहेगी नन्द हो नन्द -