चेले और शागिर्द

गुरुवार, 19 जुलाई 2012

बाबा रामदेव की अक्ल पर पत्थर ?

baba-ramdev


राजनीति  बड़ी कुटिल जगह ;पत्थर खाने पड़ते हैं ,
आप  को लग गए दो चार ;ऐसे क्यों बिगड़ते हैं ?
हर हमले में शामिल गाँधी परिवार को करते हैं ,
अक्ल पे पत्थर पड़ना शायद इसको ही तो कहते हैं .
                              शिखा कौशिक 

1 टिप्पणी:

शालिनी कौशिक ने कहा…

क्या कही क्या खूब कही.आपके भक्त पथराव कर सकते हैं तो आप भी यही करवाएं बाबा अब यही तो लोकतंत्र कहा जायेगा .
शिखा जी ने सही कहा हर घटना में गाँधी परिवार को जोड़ उसे चर्चित करना एक रोग ही तो बन गया है.