दलितों की खैरख्वाह !
दलितों के घर जाने का केवल मुझको अधिकार ;
मैं ही उनकी खैरख्वाह ;मुझको ही उनसे प्यार ;
राहुल की पदयात्रा -दलित प्रेम सब ढोंग;
मैं मीठी मिश्री सदृश ;राहुल है तीखी लौंग .
फ्लॉप शो !
ये तो था एक फ्लॉप शो -मेरी है ये राय ,
पंचायत ये थी कहाँ ?कोई मुझे समझाए ,
टिकट दीवाने थे जुटे ,न मजदूर -किसान
मैं सी.एम्.प्रदेश की, मुझको है सब पहचान .
शिखा कौशिक




