चेले और शागिर्द

सोमवार, 25 जून 2012

भाजपा को आज एक राहुल गाँधी चाहिए


कैप्शन जोड़ें

  
 
 
भाजपा को   आज   एक   राहुल   गाँधी   चाहिए 
 
घुट  रही  है   भाजपा ;परिवर्तन  आंधी  चाहिए ,
भाजपा को   आज   एक   राहुल   गाँधी   चाहिए .
 
पद  का  मोह  जिसको  न  हो संगठन  पर ध्यान दे  ;
मखमली  नेता नहीं  मोटी   खादी  चाहिए .
 
चुक गए  नेता हैं जो संन्यास लेने  को  कहो    ;
उनको  लोभ- मोह  छोड़  लेनी  समाधि चाहिए .
 
तर्क की  अब  धार  भाजपा में  न  रही  ;
बात  पूरी  न  सही  आधी  तो  होनी चाहिए .
 
सबल  विपक्ष लोकतंत्र का  रहा  प्रहरी  सदा  ;
भाजपा की  दूर होनी हर  व्याधि  चाहिए .
 
       शिखा  कौशिक
[नेता जी  क्या कहते हैं ]
 
 
 

बुधवार, 13 जून 2012

'बाबा ' तुमने स्वयं आज है भ्रष्टाचार किया .

राम पुर तिराहा हो या हो राम भक्त ;



छोड़ मुलायमपन नेता जी हो गए थे सख्त ;


ऐसे राम विरोधी से मिल गरल हमें है दिया ,


'बाबा ' तुमने स्वयं आज है भ्रष्टाचार किया .


 
 
                                   शिखा कौशिक

बुधवार, 6 जून 2012

डिम्पल-सभी दलों की भाभी ?

डिम्पल-सभी दलों की भाभी ?
 
 
 राजनीति एक   कोठरी  ;नेता  रखते  चाबी   ;
स्व  हित में  दायें   बाएं  ;जैसे चाहे  घुमा  दी   ;
भोली   जनता   क्या   जाने   वो है  सीधी-सादी     ;
डिम्पल कैसे बन गयी  सभी   दलों की  भाभी  !
                shikha  kaushik  

मंगलवार, 5 जून 2012

नितिन को 'राजयोग' की प्यास

झुक कर मांग रहे बाबा से   नितिन वही वरदान  ;
जिसकी  खातिर  छोड़ा  बाबा  ने  स्वयं  योग  व् ध्यान  ;
योगासन  की नहीं  नितिन  को  ''राजयोग ' की प्यास  ;
वो वर  कैसे  दे   बाबा  जो खुद  नहीं  उनके  पास !

                  शिखा कौशिक

शुक्रवार, 25 मई 2012

मध्यावधि- चुनाव कौन चाहता है ?


मध्यावधि- चुनाव कौन चाहता है ?

जनता...नहीं केवल अवसरवादी विपक्षी दल .


जिनके लिए है 


राजनीति खिलता हुआ कमल ;


जनता को पता है 


ये है दलदल 


जिसमे कोई भी हो दल 


जनता के साथ करता है छल ;


समस्याओं को सुलझाने में 


रहते हैं विफल ;


हर काम को टाल देते हैं 


आज नहीं कल

 ,
फिर चुनावों के लिए 


क्यों हो रहे विकल ;


शायद लग जाये लॉटरी 


और खटारा गाड़ी भी 


इस बार धक्के देकर 


जाये निकल 

.
shikha kaushik

शुक्रवार, 11 मई 2012

काला धन न सफ़ेद हुआ बाबा के बाल सफ़ेद !


[ अमर  उजाला  दैनिक 11 मई  2012 पेज  11 ]
  काला  धन  न  सफ़ेद हुआ  बाबा  के  बाल सफ़ेद  !


राजनीति की कोठरी   में  छिपे हुए हैं भेद ,
ऐसी छलनी में क्या छने जिसके हो छोटे  छेद ,
काले  धन को लेकर बाबा को है बड़ा खेद  ;
इस चक्कर  में हो  गए  उनके  बाल  सफ़ेद  .

                              शिखा  कौशिक 

बुधवार, 2 मई 2012

दर्शन देना राज्य सभा में ''क्रिकेट के भगवान् ''


बाल  ठाकरे ने  दिया इसे ''डर्टी पिक्चर'' नाम ;
 रामदेव   चिंतित हुए छोड़ा  योग  व्  ध्यान  ;
मगर हमारी  तरफ  से मुबारक  हो  सम्मान  ;
दर्शन देना राज्य सभा में ''क्रिकेट के भगवान् ''

                                               शिखा   कौशिक