चेले और शागिर्द

मंगलवार, 15 नवंबर 2011

इलेक्शन आने वाला है !

इलेक्शन आने वाला है !



मेरे दरवाजे पर  हुई थी खट खट
मैं चला खोलने उसको झट पट 
वे खड़े हुए थे हाथ जोड़कर  
मैं देख रहा था उन्हें चौककर 
फिर समझ में आया ये सब क्या गड़बड़झाला है ?
इलेक्शन आने वाला है !




वे बोले हम हैं सेवक और तुम हो स्वामी 
हम दीन हीन से भक्त ;तुम अंतर्यामी 
वे झुके चरण छूने को ज्यों ही नीचे 
मैं हटा बड़ी तेजी से थोडा पीछे 
वे बोले हाथ तुम्हारे अब लाज बचाना है .
इलेक्शन आने वाला है !

जो काम कहोगे सब कर देंगें
बर्तन मान्जेंगें ;कपडे धो देंगें
हम एक जात के ये भूल न जाना
बस नाम हमारे पर बटन दबाना
वोट मांगने का उनका अंदाज निराला है .
इलेक्शन आने वाला है !




मैं बोला दूंगा वोट सोच समझ कर
जात धर्म से ऊपर उठकर
तुम तो करते हो झूठे वादे
नहीं रखते हो तुम नेक इरादे
जनता जीजा होती है और नेता साला है .
इलेक्शन आने वाला है !




वे बोले लगता तुझे समझ न आया
तू नहीं जानता नेता की माया
तू न सुधरा तो उठवा लेंगें
तेरी वोट खुद ही हम डलवा  लेंगें 
हम तन के उजले हैं पर मन तो काला है .
इलेक्शन आने वाला है !


                                  शिखा कौशिक















मंगलवार, 8 नवंबर 2011

नेता जी क्या कहते हैं ?


जिस जनता की खातिर 
हम तिल-तिल कर हैं मरते ,
सरकारी गाड़ी में हम 
दौरे करते फिरते ;
वो जनता जब  देती  ताने 
वो भी सहते हैं ,
नेता जी क्या कहते हैं ?

वोट के बदले नोट हैं देते 
उन्हें पिलाते दारू ,
सत्ता-दूध इसी से मिलता 
जनता गाय दुधारू ;
ये जो रूठे;सपने टूटे 
आंसू बहते हैं ,
नेता जी क्या कहते हैं ?

मीठे-मीठे भाषण देकर 
झूठे करते वादे ;
घोटाले करते रहते 
वैसे हैं सीधे-सादे ;
सत्ता पाकर सत्ता-मद में 
डूबे रहते हैं ;
नेता जी क्या कहते हैं ?

ए. सी. रूम  के भीतर  
नीति  निर्धारित करते 
लूट के जनता का पैसा 
अपने घर में भर लेते ;
जनता जूते मारे तब भी 
हम हँस देते हैं ;
                                                     शिखा कौशिक 


सोमवार, 7 नवंबर 2011

राजनीति है जहर !

राजनीति है जहर !



एक पार्टी के पीछे क्यों पड़े हो अन्ना ?
सभी चूसती खून समझ जनता को गन्ना ;
संभल-संभल कर चलो ;बचा कर खुद को रखना ;
राजनीति है जहर,बड़ा घातक है चखना .

  शिखा कौशिक 

शुक्रवार, 4 नवंबर 2011

मान हमारा अहसान अन्ना !

मान  हमारा अहसान अन्ना !
                      [google se sabhar]
एक ओर तो योगगुरु  कर रहे खुलेआम ऐलान  
मैंने ही दिलवाई अन्ना को उत्तर में पहचान  
वही दूसरी ओर BJP कहती  सीना तान 
बचा हमारे ही कारण अन्ना का  सम्मान 
                                    शिखा  कौशिक 

शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2011

नेता जी की शुभ-दीपावली !

नेता जी की शुभ-दीपावली !


कितनी खुशियाँ लेकर आया दीवाली त्यौहार 
अन्ना-टीम करने लगी एक दूजे पर प्रहार 
संकट के दिन सब कटे ;आने लगी बहार 
मुझाये नेता- ह्रदयों पर  खुशियों की हुई फुहार  .

                                 शिखा  कौशिक 

बुधवार, 19 अक्टूबर 2011

लोकतंत्र की हार !

लोकतंत्र  की हार !
Arvind Kejriwal

लखनऊ में अरविन्द पर चप्पल का प्रहार ;
साजिश का एक रूप है या गुस्से का इजहार;
करने वाले कर रहे इस पर बड़ा विचार ;
नेता जी की राय में -ये लोकतंत्र की हार ! 
                                        शिखा कौशिक 

मंगलवार, 18 अक्टूबर 2011

मतभेदों की गाँठ


मतभेदों  की  गाँठ 

एक  हफ्ते को  हो  गए  अन्ना  तो  हैं  मौन  ;
भूषन अन्दर-बाहर हों -निर्णय लेगा  कौन ?
भ्रष्टाचार मिटाने को जो लोग चले थे साथ ;
उनके ही दिल में पड़ी  लो मतभेदों की गाँठ .
          
                               शिखा  कौशिक 
               [नेता जी क्या कहते हैं ? ]