चेले और शागिर्द

शुक्रवार, 25 जनवरी 2013

शिंदे दिग्गी को कोटि कोटि धिक्कार



शिंदे दिग्गी तुमको है कोटि कोटि धिक्कार ,
भगवा संग आतंक जोड़ना तुमको है स्वीकार !
किसकी तुम संतान हो कुटिल नीच मक्कार ,
दिए नहीं परिवार ने तुमको कोई संस्कार ?

        शिखा कौशिक 'नूतन'

गुरुवार, 24 जनवरी 2013

राजनीति का सबसे बड़ा सच-सबसे बड़ा झूठ

 

राजनीति  का सबसे  बड़ा  सच -सत्ता जहर है [श्रीमती सोनिया गाँधी  ]
राजनीति  का  सबसे  बड़ा  झूठ  - हम  नकारात्मक  राजनीति  नहीं करेंगें   [श्री  राहुल गाँधी  ]



POLITICS'S UNIVERSAL TRUTH-POWER IS POISON [SMT.SONIA GANDHI]

                                                         &

POLITICS BIGGEST LIE-WE DON'T DO NEGATIVE POLITICS [SHRI RAHUL GANDHI ]

बुधवार, 23 जनवरी 2013

सोच समझ शिंदे करना तुम हिन्दू का अपमान !



शिंदे तुमने क्या कहा आरएसएस रही उबल ,
पेंच कसाओं क्लिनिक में ढीली हुई अक्ल ,
हर हिन्दू  देशभक्त है  , हिन्दू से हिंदुस्तान ,
सोच समझ कर करना तुम हिन्दू का अपमान !
       जय श्री राम !
                   शिखा कौशिक 'नूतन'

सोमवार, 21 जनवरी 2013

चित बीजेपी , पट बीजेपी , ठेंगा संघ !!


  Consensus emerges on Gadkari's second term as BJP president (© Reuters)
पद स्वीकार नहीं करते तब कहे नकारा ,
''वंशवाद '' का नाम दिया जब पद स्वीकारा ,
गिरगिट सम पलट रहे रोज़ नए ये रंग ,
चित बीजेपी , पट बीजेपी , ठेंगा संघ !!

              शिखा कौशिक ''नूतन ''



शनिवार, 19 जनवरी 2013

''राहुल '' लाखों में एक का राज्याभिषेक

   ''राहुल '' लाखों में एक  का  राज्याभिषेक
 Rahul Gandhi

काँग्रेस- जन की पूर्ण हुई आस आज ये नेक ,
हर्षित होकर मना रहे ज़श्न सभी अनेक ,
जयपुर में हो गया जिनका राज्याभिषेक ,
ऊर्जावान -साहसी  ''राहुल '' लाखों में एक !!
   
                शिखा कौशिक 'नूतन'

उठो , जागो -राहुल जी अब कहाँ विश्राम !


करना है सतत प्रयास , हो देश का उत्थान ,
चिंतन शिविर के बाद करना है ये काम ,
है कठिन पथ  , कष्ट हैं महान ,
उठो , जागो -राहुल जी अब कहाँ विश्राम !

           शिखा कौशिक 'नूतन '

MR.rahul gandhi-change your work style

बुधवार, 2 जनवरी 2013

नए साल में मत करना अब कोई घोटाला

भारतीय जनता की नेता जी से अपील !




नेताओं जनता से ये वादा निभाना 
नए साल में मत करना अब कोई घोटाला .


जन-हित में खर्च करना अब जनता का पैसा 
दिखलाना जनता को जन -सेवक हो कैसा 
विश्वास जीत लेना जनता का दोबारा 
नये साल में म़त ..........


न मौत हो अब कर्ज से तुम ये कोशिश करना 
शिक्षा व् रोजगार का सपना तुम सच करना 
पैकेज का सारा  रुपया जनता तक पहुचाना  
नए साल में मत ............


ले नाम जाति-धर्म का हमको न बाँटना   
लड़वाकर हमें आपस में चांदी न काटना 
जिस पद पर हो आसीन उसकी गरिमा बढ़ाना 
नये साल में मत ......
                                                 शिखा कौशिक 
                                 [नेता जी क्या कहते हैं ?]