सी .एम. साहब सुबह की सैर पर ड्राइवर को लेकर अपनी शाही कार से निकल लिए .ड्राइवर भी सत्ता की नींद से जागा नहीं था .सड़क पर वो दौड़ाई गाड़ी कि गुजरात की अर्थवयवस्था की विकास दर को भी रफ़्तार में पछाड़ दिया . सी.एम्. साहब पीछे की सीट पर थे .तभी जोरदार ब्रेक लगाकर ड्राइवर ने कार रोक दी .सी.एम् साहब भड़ककर बोले -'' क्या हुआ? क्यों रोक दी कार ?'' ड्राइवर घबराते हुए बोला -'' साहब एक कुत्ते का पिल्ला सामने आ गया .उतरकर देखना पड़ेगा बचा या नहीं ?'' ड्राइवर कार से निकला तो सी.एम्. साहब भी निकल लिए .दयावान सी.एम्. कोमल ह्रदय के जो है .राज्य में क़त्ल-ए.आम हो जाये तो कोई बात नहीं पर कुत्ते का पिल्ला कार के नीचे आ जाये ये उनके दिल को दुःख पहुंचाता है .बड़े लोगों की बड़ी बड़ी बातें पर कार से ज्यों ही सी.एम्.साहब निकल कर खड़े हुए पिल्ले की माँ ने उनके पैर में दांत गड़ा दिए .सी.एम्. साहब दर्द से कराहते हुए बोले -'' मैं कार नहीं चला रहा था .तुम्हारे पिल्ले पर कार इस ड्राइवर ने चढाई है .'' पिल्ले की माँ पिल्ले को चाटते हुए बोली -'' ओह गलती हो गयी .आपको को काटने का मुझे दुःख तो है पर अफ़सोस नहीं .'' ये कहकर पिल्ले की माँ उसे अपने साथ ले गयी और ड्राइवर सी.एम्.साहब को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हो लिया .
सत्ता के तलबगारों का घमंड बोलता है ! मासूम हुए क़त्ल इनकी रियासत में , अफ़सोस फिर भी इनका न दंभ डोलता है ! ये खुद को कहें इन्सां तो इंसानियत शर्मिंदा , फिज़ा में ज़हरीले काले रंग घोलता है ! तुम हो नहीं सकते हिंदुत्व के प्रचारक , राम रख तराजू सत्ता संग तोलते हो ! 'नूतन' छिपा नहीं है सियासत का इनका खेल , खुद बोलकर एक एक कर पाखंड खोलते हैं !
शिखा कौशिक 'नूतन' [context -New Delhi, July 13: The BJP and the office of Gujarat Chief Minister Narendra Modicame to his defence after the "puppy" remark raised a massive storm in India's political circles. The remark came when Modi was asked by the interviewers whether he regretted what had happened in Gujarat in 2002.
He said anything bad makes a person sad, even if it a puppy coming under the wheels of a car even if one isn't driving it. The opponents, particularly the Samajwadi Party lashed out at Modi accusing him of comparing the Muslims with a puppy. The chief minister's office in Gujarat defended Modi, saying his remark, which had displayed "a heightened sensitivity", was grossly distorted.]
महात्मा गाँधी जी के पदचिन्हों का अनुसरण कर देश के हर कोने तक की यात्रा , जनता से सीधा संवाद ,उनकी समस्याओं को जानने का सच्चा प्रयास और मस्तिष्क में निरंतर वर्तमान राजनैतिक ढांचे को बदलने के विचारों का आवागमन -सन २००४ से श्री राहुल गाँधी जी का जीवन इन सब कार्यों को ही समर्पित रहा है .
कम बोलते हैं पर सच बोलते हैं .मीडिया में छा जाने का कोई आकर्षण नहीं .मीडिया से दूर भारतीय जन -जीवन की समस्याओं को समझकर उन्हें अंतिम रूप से समाप्त करने के लिए सतत प्रयासरत युवा नेता राहुल जी भले ही विपक्षियों की कटु आलोचना का शिकार बनते रहते हो पर अपनी कार्य शैली में बदलाव उन्हें मंज़ूर नहीं .पद प्राप्ति की कोई कामना नहीं .
लक्ष्य-देश सेवा माध्यम-राजनीति
युवराज ,राहुल बाबा ,अमूल बेबी ,बुद्धू और भी न जाने कितने व्यंग्यात्मक व् अपमानजनक उद्बोधनों से राहुल जी को नीचा दिखाने का प्रयास विपक्षियों द्वारा किया गया ..यहाँ तक कि उन पर दुष्कर्म करने का झूठा आरोप तक लगाया गया जो अंतिम रूप से कोर्ट द्वारा झूठा करार दिया गया .विपक्षियों ने राहुल जी के इरादों में फौलाद की ताकत भर दी ...जितनी चोट मारी गयी राहुल जी उतने ही मजबूत हुए .चौदह वर्ष की किशोर वय में दादी की नृशंस हत्या व् इक्कीस वर्ष की युवा वय में प्रिय पिता की दर्दनाक हत्या झेल चुके राहुल जी के दिल व् दिमाग ने जब देश -सेवा के लिए स्वयं को समर्पित किया तब राहुल जी ने साफ़ तौर पर माना कि उन्हें राजनीति में यह स्थान विरासत में मिला है पर राहुल जी ने अपनी कर्मठता से इस विरासत में मिली प्रतिष्ठा को और भी ऊँचा उठाया .
आज वे विचार रखते हैं कि सिस्टम को बदले बिना भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को सुलझाया नहीं जा सकता .उनका मानना है कि सत्ता एक हाथ में न रहकर उसका विकेंद्रीकरण होना चाहिए .वे ईमानदार युवाओं से आह्वान करते हैं देश सेवा हेतु राजनीति में आने का .उनका नजरिया साफ है -वे विपक्ष की भांति देशवासियों से किसी प्रतिमा के लिए लोहा नहीं मांगते ...वे विचारों में फौलाद की ताकत चाहते हैं .यदि प्रधान मंत्री पद के प्रति उनकी कोई लालसा नहीं है और वे संगठन को मजबूत करने में ज्यादा रुचि लेते हैं तो इसे उनकी अयोग्यता के रूप में प्रचारित करने वाले विपक्षियों को खुली छूट है कि वे आडवानी जी व् मोदी जी जैसे सत्ता लोलुप नेताओं को सिर पर बैठाये पर यह जान लें कि वर्तमान में केवल राहुल जी ही ऐसे भारतीय नेता हैं जो देश को सही दिशा में आगे ले जा सकते हैं क्योंकि वे हिन्दू वोट के लालच में दंगों की याद दिलाकर उन्हें उकसाते नहीं हैं और न ही मुस्लिम समुदाय को धमकाने का प्रयास करते हैं
'श्रीमद्भगवत गीता'' को अपना प्रेरक ग्रन्थ बताने वाले राहुल जी के प्रति कोई पूर्वाग्रह न रखकर उनके साथ आयें व् कॉग्रेस पार्टी के हाथ मजबूत करें .१९ जून को राहुल जी के जन्म दिवस पर उन्हें हार्दिक शुभकामनायें प्रेषित करती हूँ इन शब्दों में
''कंटक पथ पर नंगें पैर कठिन चुनौती हाथ
मगर अकेले नहीं हो राहुल हिंदुस्तान तुम्हारे साथ ''
शिखा कौशिक 'नूतन '
HE HAS REPLIED -
Please find enclosed Mr. Gandhi’s reply to your Birthday greetings.
''रुपया गिरा तो गिरा पर आप [बीजेपी ]तो उससे भी ज्यादा नीचे गिर गए आप खुद उठ जायेंगें या कॉंग्रेसियों से कहें आप को उठाने के लिए !!! हम तो बस यही कह सकते हैं -आलोचना के हल्के स्तर से छक ले भाजपा !
श्री राम नाम पर कभी सियासत मत करना श्रीमन ! सर्वाधिकार सुरक्षित
हर निर्मल उर है साकेत के सम जिसमे बसते है श्री राम लखन ,
यही विराजें मेरी सीता माता हनुमत संग श्री भरत शत्रुघ्न !
तीन लोक के स्वामी रघुवर को मेरा नमन !
निर्मल उर में श्रद्धा के मंदिर जहाँ चलें श्री राम भजन ,
रहो प्रेम से सन्देश राम का मत दूषित करना अंतर्मन ,
ईटों-पत्थर के मंदिर से बेहतर पावन-मन !
हर निर्मल उर है साकेत के सम !
द्वेष भाव जो मन में रखते श्री राम को प्रिय न लगते ,
शरणागत वत्सल करुणा के सागर शत्रु को भी क्षमा हैं करते ,
वचन निभाते दुःख सहकर भी दशरथ के नंदन !
हर निर्मल उर है साकेत के सम !
धर्म पताका ये फहराते दुष्ट दलन हैं ये कहलाते ,
निज बाहुबल से रावण संहारे प्रण पूरा करते श्री राम हमारे ,
नीति पथ पर चलते हैं मर्यादा पुरुषोतम !
हर निर्मल उर है साकेत के सम !
बस वो ही ले श्री राम का नाम जिसका लक्ष्य हो जन- कल्याण ,
भ्रमित करें जो हम भक्तों को प्रभु का वो करता अपमान ,
श्री राम नाम पर कभी सियासत मत करना श्रीमन !
बीजेपी ने श्री राम के नीति पथ ,वचन-पालन ,प्रण पूरे कर दिखाने व् प्रेम भाव का प्रसार करने जैसे एक भी गुण को नहीं अपनाया -''मंदिर वहीँ बनायेंगें'' का नारा तो दिया पर सत्तसीन होते ही भूल गयी फिर क्यों बार बार मंदिर-मुद्दा उठाकर भारत के शांति व् सद्भावपूर्ण माहौल को बिगाड़ना चाहती है . [सन्दर्भ -Rajnath Singh defends Shah on Ram temple- The BJP president says every religious person wants their religious structures to be grand and there is nothing wrong in expressing such a wish ] SHIKHA KAUSHIK
Advani meets RSS chief Mohan Bhagwat, other leaders in NagpurRSS chief Mohan Bhagwat, who is in the city, and general secretary Bhaiyyaji Joshi were meeting Advani.
The BJP top leaders have been making a beeline to meet RSS leaders here.
चुनाव आने वालें हैं इसलिए - बीजेपी आरएसएस की शरण में आरएसएस साधु संतों की शरण में साधु संत भगवान की शरण में और भगवान योगनिद्रा की शरण में ! शिखा कौशिक 'नूतन '